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बच्चोँ को स्तनपान कराने वाली महिलायें ब्रत रक्खें या ना रक्खें?

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  स्तनपान (ब्रेस्टफीडिंग) कराने वाली महिलाओं को व्रत रखना चाहिए या नहीं? आइये जानें बेस्ट न्यूट्रीशनिस्ट से. स्तनपान कराने वाली महिलाओं को उपवसा अपने सामर्थ्य के अनुसार रखने चाहिए। लंबे समय तक व्रत नहीं रखने चाहिए। बच्चे के लिए मां का दूध सबसे सेहतमंद माना जाता है। जन्म के 6 महीने के अंदर मां को शिशु को दूध पिलाने की सलाह दी जाती है। ऐसे में कई बार स्तनपान कराने वाली माताओं के मन में यह असमंजस रहती है कि वे नवजात शिशु को स्तनपान कराने के दौरान व्रत रख सकती हैं या नहीं। कई महिलाओं की धार्मिक आस्था इतनी प्रबल होती है कि वे नवरात्रों में 9 दिन के व्रत रखना चाहती हैं। लेकिन इस पर नमामी लाइफ में न्यूट्रीशनिस्ट शैली तोमर की राय अलग है। न्यूट्रीशनिस्ट से जानते हैं कि ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली माताओं को व्रत रखने चाहिए या नहीं? आइए विस्तार से जानते हैं। क्या स्तनपान कराने वाली माताओं को व्रत रखना चाहिए? इस सवाल के जवाब में न्यूट्रीशनिस्ट शैली तोमर का कहना है कि स्तनपान के दौरान महिलाओं को अधिक कैलोरी की जरूरत पड़ती है। इस दौरान उन्हें लगभग 400 से 500 कैलोरीज की मांग ज्यादा होती है। जन्म के ...

वजाइना से जुडी 5 अफवाह से सावधान

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  महिलाओं में वजाइना से जुड़ी इन 5 अफवाहों क्या सही सहीहैँ? आइये  डॉक्टर से जानें इसकी सच्चाई. महिलाओं की वजाइना से जुड़े कई ऐसे मिथ हैं, जिन्हें अकसर लोग सही मान लेते हैं। ऐसे में इनकी सच्चाई के बारे में जानना जरूरी है। चलिए जानते हैं... लड़कियां और महिलाएं अपने वजाइना (Vagina) के बारे में काफी कुछ जानती और समझती हैं। लेकिन इसके बारे में भी जाने-अनजाने में कई ऐसी अफवाहें फैल चुकी हैं, जिन्हें अकसर आप सही मान लेती हैं (Myths Related to Vagina)। ऐसे में इनकी सच्चाई के बारे में जानना आपके लिए बहुत जरूरी हो जाता है। जैसे वजाइना में खुजली का मतलब इंफेक्शन होता है, वजाइना से डिस्चार्ज होना किसी बीमारी का संकेत है आदि ऐसे मिथ है, जो आप सही मान लेती हैं। आज हम आपको वजाइना से जुड़ी ऐसे ही कुछ अफवाहों और उनकी सच्चाई (Myths and Facts Abouts Vagina) के बारे में बताने जा रहे हैं।  वॉकहार्ट अस्पताल, मुंबई सेंट्रल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर गांधली देशपांडे (Dr Gandhali Despande, Gynaecologist, Wockhardt Hospital, Mumbai Central) से जानें इनके बारे में मिथ 1 : वजाइना में खुजली होने क...

क्या नार्मल डिलीवरी होने के लिए फिट होना ज़रूरी है?

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  क्या नॉर्मल डिलिवरी के लिए जरूरी है वजाइना का फीट होना, जानें फैट वजाइना को फिट बनाने के 2 प्रमुख एक्सरसाइज. वजाइना की साइज और फैट को लेकर बहुत कम ही महिलाएं बात करती हैं, पर ये बातें जरूरी है क्योंकि ये हेल्थ से जुड़ी परेशानियां पैदा करती हैं। महिलाएं अपने वैजाइनल हेल्थ को लेकर बात करने में अक्सर हिचकिचाती हैं। वजाइनल फैट, महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ा एक ऐसा ही मुद्दा है, जिसे लेकर अक्सर महिलाएं बात नहीं करती हैं। दरअसल महिलाओं का ध्यान वजाइनल साइज पर बहुत कम ही जाता है। उन्हें ये भी मालूम नहीं होता है कि वजाइनल एरिया का फैट बढ़ता भी है, जो आगे चलकर प्रेग्नेंसी के दौरान परेशान करता है। वास्तव में, वैजाइनल एरिया में उम्र बढ़ने के साथ धीमे-धीमे फैट जमा हो जाता है। वैसे तो ये कोई बड़ी परेशानी की बात नहीं लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान ये महिलाओं को परेशान कर सकता है। हाल ही में आए में रिपोर्ट की मानें, तो वजाइनल फैट के कारण नॉर्मल डिलिवरी होने में परेशानी आती है और 92% महिलाओं को इसके कारण सी-सेक्शन की मदद लेनी पड़ती है। वैजाइनल फैट और सी-सेक्शन डिलीवरी सी सेकशन डिलीवरी  के कई का...

प्रेग्नेंसी में महिलाएं खांसी की दवा लें या ना लें?

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  महिला प्रेगनेंसी में हो तो क्या खांसी की दवा लेना सुरक्षित है? प्रेग्नेंसी में सर्दी-जुकाम होना एक आम बात है। पर क्या इस दौरान अपने मन से खांसी की कोई भी दवा लेना सुरक्षित है? आइए जानते हैं। मां बनना, एक महिला की जिंदगी में एक बड़ा बदलाव लाता है। ये बदलाव सिर्फ जीवन में ही नहीं होता बल्कि आपके शरीर में भी होता है।  इस दौरान शरीर में कई बदलाव आते हैं और हर बदलाव स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। सबसे ज्यादा दुविधा तब होती है, जब हमें गर्भावस्था में दवाइयों का सेवन करना पड़ता है। दरअसल, गर्भावस्था के दौरान मां के द्वारा किसी भी चीज का सेवन बच्चे के स्वास्थ्य से भी जुड़ा होता है। जिसकी वजह से छोटी-मोटी परेशानियों में भी आप अपने मन से दवाइयां नहीं ले सकतीं। आज हम बात गर्भावस्था के दौरान होने वाली एक आम रोग सर्दी-खांसी की करेंगे। होता यूं है कि सर्दी-खांसी होने पर यूं तो हम अपने मन से कुछ दवाइयां और  कफ सिरप (cough syrup) ले लेते हैं, पर क्या प्रेगनेंसी में खांसी की दवा लेना इतना ही सुरक्षित है (Is cough syrup safe in pregnancy)? आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से। प्रेग...

बच्चेदानी में सूजन होने के क्या कारण होते हैँ.

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  बच्चेदानी में सूजन के पीछे हो सकते हैं ये 7 प्रमुख कारण, आइये जानें इसके लक्षण और कुछ सरल उपाय. महिलाएं के पेट में होने वाले लगातार दर्द को हल्के में ना लें। ये बच्चेदानी में सूजन के कारण हो सकता है। आइए जानते हैं इसके लक्षण और कुछ खास उपचार। महिलाओं में कई बार पेट में दर्द बच्चेदानी में सूजन (Uterus Swelling) के कारण भी होता है। जब भी मौसम में बदलाव आता है तो गर्भाशय में सूजन आ जाती है। ऐसे में महिलाओं को असहनीय पेट दर्द, बुखार, सिरदर्द और कमर दर्द का सामना करना पड़ता है। समय रहते इस समसया का इलाज न करने पर यह कैंसर जैसी बड़ी बीमारी का कारण भी बन सकती है। जिसे गर्भाशय फाइब्रॉएड कहते हैं। आज हम आपको गर्भाश्य की सूजन को कम करने के लिए कुछ नुस्खे बताएंगे पर उससे पहले जानते हैं गर्भाशय फाइब्रॉएड (Uterine Fibroids) क्या है और बच्चे के स्वास्थ्य के साथ ये कैसे जुड़ा हुआ है। क्या है गर्भाशय फाइब्रॉएड? फाइब्रॉएड एक नॉन-कैंसर ट्यूमर हैं, जो गर्भाशय की मांसपेशी की परतों पर बढ़ते हैं। और इन्हें गर्भाशय फाइब्रॉएड चिकनी मांसपेशियों और रेशेदार ऊतकों की विस्‍तृत रूप हैं। फाइब्रॉएड का...

अपने घुटनों को मज़बूत बनाने के 5 टिप्स l

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  अपने घुटनों को मजबूत बनाने के लिए रोजाना करें इन 5 योगासनों का अभ्यास, मिलेगा भरपूर लाभ. अपने घुटनों को मजबूत और रोगमुक्त बनाने के लिए योगासनों का अभ्यास फायदेमंद होता है, जानें घुटनों के लिए फायदेमंद 5 योगासनों के बारे में। नियमित रूप से योग (Yoga) का अभ्यास इंसान को न सिर्फ शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ और फिट रखता है बल्कि कई बीमारियों से भी दूर रखता है। योग की शक्ति को देखते हुए आज दुनियाभर के लोग इसे अपना रहे हैं। योग के नियमित अभ्यास से आप शरीर की जटिल समस्याओं से भी निजात पा सकते हैं। योग की तमाम विधाएं हैं और इन सभी का अपना-अपना लाभ भी। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको घुटनों के लिए फायदेमंद माने जाने वाले योगासनों के बारे में बताएंगे। आज के दौर में असंतुलित खानपान और शारीरिक एक्टिविटी की कमी की वजह से तमाम लोगों को घुटने से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। घुटनों में दर्द और गठिया की समस्या सबसे कॉमन समस्या मानी जाती है। इन सबका एक ही कारण होता है, घुटनों का कमजोर होना। घुटनों को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए आप नियमित रूप से इन योगासनों ( Yoga Poses to Strengthen Your...

ब्लड प्रेशर चेक करने का क्या है सही तरीका l

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  क्या है ब्लड प्रेशर चेक करने का सही तरीका.क्या एक के बजाय दोनों हाथों का ब्लड प्रेशर चेक करने से मिलता है सही रिजल्ट? आइये इसके बारे में एक्सपर्ट से जानें. अगर आपके दोनों हाथों की ब्लड प्रेशर रीडिंग में 10 मिमी एचजी से अधिक का अंतर आता है तो यह गंभीर समस्या हो सकती है, एक्सपर्ट से जानें कारण... शरीर को स्वस्थ और सही तरीके से काम करने के लिए खून की आवश्यकता होती है। हमारे शरीर में हृदय के माध्यम से सभी अंगों तक ब्लड का सर्कुलेशन होता है। ब्लड सर्कुलेशन में दिक्कत आने पर ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याएं होती हैं। दुनियाभर में हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) और लो ब्लड प्रेशर की समस्या से लाखों लोग ग्रसित हैं। हाई ब्लड प्रेशर की वजह से लोगों की मौत भी हो सकती है। शरीर में ब्लड सर्कुलेशन की स्थिति जानने के लिए ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) की जांच की जाती है। जो लोग ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं से ग्रसित हैं वो रोजाना अपने शरीर का ब्लड प्रेशर चेक करते हैं। लेकिन हाल में हुई एक रिसर्च की मानें तो सिर्फ एक हाथ में ब्लड प्रेशर चेक करना आपके लिए महंगा पड़ सकता है।  अगर आपके बाएं और दाहिने हा...